Saturday, March 31, 2007

अकसर पूछे जाने वाले सवाल: चिट्ठा और कंप्यूटर

अकसर पूछे जाने वाले सवाल - विषयानुसार
(यदि आपको अपने सवाल का उत्तर एक विषय पर न मिले तो कृपया दूसरा विषय भी देखें)
(क) हिन्दी और कंप्यूटर
(ख) चिट्ठा और कंप्यूटर:
  1. आम मुश्किलें
  2. ब्लॉगर पर चिट्ठे की मुश्किलें
  3. वर्ड प्रेस पर चिट्ठे की मुश्किलें
(ग) पॉडकास्ट, या गाने, ऑडियो फाइल के बारे में

आम मुश्किलें
प्रश्न-१.१:- मैं हिन्दी में चिट्ठा लिखना चाहता हूं। मैं कैसे लिखूं?
उत्‍तर:- कृपया यहां देखें। तरकश के ई-शिक्षक के सौजन्य से ब्लॉगर पर चिट्ठा बनाने के लिये यहां और वर्ड प्रेस पर चिट्ठा बनाने के लिये यहां से आसान ट्यूटोरियल डाउनलोड कर सकते हैंं।

प्रश्न-१.२:- क्या बिना होस्टिंग का खर्चा किये हुऐ चिट्ठे को अपने डोमेन पर ले जाया जा सकता है?
उत्तर:- जी हां, यदि आप ब्लौगर पर चिट्ठा लिखते हैं। यह जानने के लिये यहां पर देखें।

प्रश्न-१.३:- क्या चिट्ठा लिखने वालों के कुछ अधिकार हैं?
उत्तर:- जी हां, इसके लिये यहां, और यहां देखें।

प्रश्न-१.४:- क्या मैं अपने चिट्ठे पर दी गयी लिंक की झलक दिखा सकता हूंं?
उत्तर:- जी हां आप यह कर सकते हैं। इसके लिये Snap Preview Anywhere में जा कर रजिस्टर करवा कर आगे की कार्यवाही करें। इसके बारे में यहां विस्तार से बताया है।

प्रश्न-१.५:- पुस्तक चिन्ह से क्या होता है?
उत्तर:- इस समय अलग अलग भाषाओं में अनगिनत चिट्ठें हैं और उस पर अनगिनत नयी प्रविष्टियां। कई वेबसाइट चुनी हुई प्रविष्टियों के बारे में सूचना देती हैं जिससे कोइ भी व्यक्ति अपने मन पसन्द प्रविष्टि के बारे में सूचना पा सकता है। सूचना देने वाली वेबसाइट को, नयी प्रविषटियों के बारे उन लोगों से मालुम चलता है जो इन नयी प्रविष्टियों के बारे में जानते हैं। आप नयी प्रविष्टि की सूचना, सूवना देने वाली वेबसाइट पर जा कर दे सकते हैं। यदि उस प्रविष्टि में पुस्तक चिन्ह है तो उसकी सहायता से आप उस प्रविष्टि की सूचना आसानी से नयी प्रविष्टि बताने वाली वेबसाइट को दे सकते हैं। इसके बारे में कुछ यहां भी बताया गया है।

प्रश्न-१.६:- मैं अपने चिट्ठे पर पुस्तक चिन्ह लगाना चाहता हूं, कैसे लगांऊ?
उत्तर:- इसका कोड और ब्लौगर में यह कैसे लगाया जाय, इसके बारे में यहां बताया गया है, इसे देखें। नये बलौगर में लगाने के लिये आप अपने टेम्पलेट को न बदलें पर लेआउट में जाकर Add a page element पर चटका लगायें। इसके बाद जिस बॉक्स में HTML/JavaScript Add third-party functionality or other code to your blog लिखा है वहां चटका लगा कर, बताया कोड चिपका दें।

प्रश्न-१.७:- मैं चिट्ठे पर रंगीन अक्षरों में कैसे लिखूं?
उत्तर:- इसके बारे में यहां विस्तार से लिखा है, इसे पढ़ें।

प्रश्न-१.८:- मैं अपने चिट्ठे के शब्दों को बोल्ड नहीं करता हूं पर भी बोल्ड हो जाते हैं या उसकी फॉरमैटिंग बदल जाती है। मैं क्या करूं?
उत्तर:- यदि आप सीधे चिट्ठे पर लिखते हैं तो ऐसा नहीं होना चाहिये। यदि हो रहा है तो लगता है कि आप गलती से ऐसा कर रहें हैं।
यदि आप पहले किसी वर्ड प्रोसेसर में लिख रहें हैं उसके बाद प्रतिलिपि कर चिट्ठे पर चिपका रहें हैं तो यह संभव है। प्रत्येक वर्ड प्रोसेसर का फॉरमैट करने का अलग अलग तरीका होता है। जब आप प्रतिलिपि कर लेख को चिट्ठे पर चिपकाते हैं तो उसका फॉरमैट अलग अलग तरीके से अलग अलग चिट्ठों पर असर डालता है। इसीलिये वह कभी बोल्ड हो जाता है या फॉरमैटिंग बिगड़ जाती है। इसके लिये सबसे अच्छा तरीका है कि चिपकाने से पहले उसकी सारी फॉरमैटिंग हटा दी जाय। इसके लिये इसे किसी text editor (जैसे लिनेक्स में पाठ सम्पादक या विन्डोस़ में नोट पैड) में चिपकायें तथा वहां से उसे आप प्रतिलिपि कर चिट्ठे पर चिपकायें।
यदि आप ब्लौगर में चिट्ठा लिखते हैं तो Edit Html में जा कर चिपकायें, यह अपने आप इसकी फॉरमैटिंग हटा देता है।

प्रश्न-१.९:- मेरे चिट्ठे पर हिन्दी फैल जाती है और ठीक से नहीं पढ़ी जा सकती। मैं क्या करूंं?
उत्तर:- यह इसलिये हो हाता है कि आप चिट्ठे में हिन्दी को जस्टीफाई कर देते हैं या आपके चिट्ठे में यह अपने आप हो जाता है। आप जस्टीफाई न करें तथा HTML कोड बदलें। यह यहां, यहां, और यहां विस्तार से बताया गया है।

प्रश्न-१.१०:- मैं जानना चाहता हूं कि कौन लोग, कहां से मेरे चिट्ठे पर आते हैं। इसके लिये मैं क्या करूंं?
उत्तर:- इस तरह की सूचना देने वाली कई वेब साईट हैं। इनकी सूची यहां दी गयी है। आप इनमें से किसी पर अपने चिट्ठे को रजिस्टर करा लें। इनकी सेवायें मुफ्त हैं। आपको इनका कोड अपने चिट्ठे पर डालना होगा।

प्रश्न-१.११:- मैं यह कैसे जान सकता हूं कि लोग मेरे बारे में या मेरे चिट्ठे के बारे में, अपने चिट्ठे के बारे में बात कर रहे हैं?
उत्तर:- लोग यह करते समय आपके चिट्ठे से लिंक देते हैं। इसको पता करने का तरीका यहां समझाया गया है। इसे देखें। अक्सर लोग यह नहीं भी करते हैं। इसके लिये गूगल ब्लॉग सर्च में जायें और अपना नाम या फिर चिट्ठे का नाम लिख कर तलाश करें।

प्रश्न-१.१२:- मेरे चिट्ठे से किसी ने मेरी पोस्ट कॉपी कर अपने चिट्ठे पर डाल दी है। मैं क्या करूं?
उत्तर:- यदि कोई बिना आपकी अनुमति के, आपके चिट्ठे से सामग्री अपने चिट्ठे पर डाल देता है तो यह कॉपीराईट क उल्लंघन है। अन्तरजाल में इसे रोक पान मुश्किल कार्य है। फिर भी किसी ने आपके चिट्ठे से कुछ कॉपी किया है या नहीं। यदि किया है तो उसका क्या हल है इसके लिये कुछ व्यवहारिक बातें हिन्दी में यहां और अंग्रेजी में यहां बतायी गयी हैं। आप इसके अनुसार कार्य करें।

प्रश्न-१.१३:- RSS (क्षमल) फीड क्या है तथा इसे मैं कैसे अपने कं‍प्यूटर में प्राप्त करूं?
उत्‍तर:- हर वेबसाइटए/ ब्लौग पर हमेशा कुछ न कुछ नयी सूचना आती रहती है RSS फीड के द्वारा इस सूचना को बिना वेबसाईट पर गये प्राप्त किया जा सकता है। यह यहां विस्तार से बताया गया है इसे देखें।

प्रश्न-१.१४:- फीड बर्नर क्या होता है?
उत्‍तर:- इसके बारे में कुछ यहां समझाया गया है।

प्रश्न-१.१५:- मैं अपने चिट्ठे में स्लाइड शो कैसे लगा सकता हूंं?
उत्‍तर:- यह कार्य
पिकासावेब में इस तरह की सुविधा है और आप उसका प्रयोग कर यह काम आसानी से कर सकते हैं। पिकासा औजार हिन्दी में भी उपलब्ध है। इसके लिये आपको गूगल मेल का अकाउंट खोलना पड़ेगा। यह यहां ठीक प्रकार से समझाया गया है।

ब्लॉगर पर चिट्ठा संबन्धी मुश्किलें
प्रश्न-२.१:- मैं ब्लौगर डाट कौम पर ब्लॉग लिखता हूं। यह प्रकाश्ति नहीं हो पा रहा है क्या करूं?
उत्तर:- जब आप sign in करके अपने ब्लॉग पर जातें हैं तो Change setting जाईये। इसमे Formatting का विकल्प लीजिये और Date language में Hindi (India) का विकल्प न लें इसकी जगह English (India) कर दें।

प्रश्न-२.२:- मैं ब्लौगर डाट कौम पर ब्लॉग लिखता हूं। दूसरे लोग जब टिप्पणी करते हैं तो उनके नाम के बाद 'कहा था' लिख कर आ जाता है। क्या यह बदला जा सकता है?
उत्तर:- जी हां यह बदला जा सकता है। इसके लिये आपको HTML बदलना पड़ेगा। घबराईये नहीं यह कठिन कार्य नहीं है। इसके लिये यहां विस्तार से लिखा है, इसे देखें।

वर्डप्रेस पर चिट्ठा संबन्धी मुश्किलें
प्रश्‍न-३.१:- मैं वर्ड प्रेस पर ब्लॉग लिखता हूं उसमें बार-बार Error 404 आ जाती है। मैं क्या करूं?
उत्तर:- Error 404 के बारे में वर्ड प्रेस के FAQ में यहां देंखें पर हिन्दी ब्लॉग की कुछ और भी मुश्किलें हैं। यदि आप अपने पोस्ट की टाईटल हिन्दी में लिख्ते हैं तो उसे सुरक्षित करते समय उसका पता बहुत बड़ा हो जाता है जिससे यह मुश्किल होती है। पोस्ट स्लग में इसे अंग्रेजी में कर दें। इसके बारे में यहां पर विस्तार से बताया गया है, इसे भी देखें।

प्रश्न-३.२:- मै वर्ड प्रेस पर ब्लौग लिखता हूं। मेरी RSS फीड नहीं काम कर रही है। मैं क्या करूं?
उत्तर:- यदि वर्ड प्रेस पर आपने हिन्दी में बड़ी श्रेणियां बना ली हैं तो इस तरह की मुश्किलें आती है । श्रेणियां अंग्रेजी में कर दें या फिर छोटी कर दें। यह यहां पर विस्तार से बताया गया है, इसे भी देखें।

प्रश्न-३.३:- मै वर्ड प्रेस पर ब्लौग लिखता हूं। इसके अक्षर का आकार कैसे बड़ा करूं?
उत्तर:- इसके लिये आपको चिट्टी की शुरूवात में कोड मोड पर जा कर का टैग लगाना है और अन्त में इसे के टैग से बन्द कर देना है। इसके बारे में यहां विस्तार से लिखा है, आप इसे भी पढ़ लें।

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प्रश्न-४.०:- मैंने उपर लिखे प्रश्न और उत्तर पढ़ लिये पर मेरी परेशानी दूर नहीं हुई। मैं क्या करूं?
उत्तर:- आप ई-पंडित की ई-पाठशाल में भी जा कर देख सकते हैंं वहां पर भी बहुत सारे कार्यों आसानी से समझाया हुआ है। यदि इसके बाद भी आपकी परेशानी का हल नहीं निकलता है तो उसे दूर करने के लिय आप चिट्ठा लिखने वाले व पॉडकास्ट करने वाले से पूछ सकते हैं वे ही आपका जवाब दे सकते हैं क्योंकि वे इन सब मुश्किलों का हल पा चुके हैं। हिन्दी में कुछ अच्छी सेवाओं का जिक्र यहां हैं। आप इनके सदस्य बन कर अपना प्रश्न उठा सकते हैं। सदस्य बनने के लिये कोई शुल्क नहीं है।

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यह सेवा, न्यास द्वारा, हिन्दी देवनागरी (लिपि) को बढ़ावा देने के लिये शुरू की गयी है। मैं इसका सम्पादक हूं। आपके विचारों और सुझावों का स्वागत है। हम और भी बहुत कुछ करना चाहते हैं पर यह सब धीरे धीरे और इस पहले कदम की प्रतिक्रिया के बाद।