Friday, August 08, 2014

कृष्णा वीरेन्द्र न्यास के द्वारा प्रकाशित नयी पुस्तकें

कृष्णा वीरेन्द्र न्यास ने उन्मुक्त चिट्ठाकार की चिट्ठियों को दो पुस्तकों  'मुक्त विचारों का संगम' एवं 'कभी खुशी कभी ग़म' नाम से प्रकाशित की हैं। पहली में विज्ञान, गणित, कानून, जीवनी, श्रद्धांजलि, संवेदना, मुलाकात, एवं पुस्तक समीक्षा की  चर्चा है और दूसरी में दर्शन, विचार, ई-पाती, यौन शिक्षा, एवं यात्रा विवरण की चर्चा है।

पुस्तकों में लिखे लेख और चिट्ठियां विविध हैं और जीवन को छूने वाले विषय—कम्प्यूटर, कानून, आध्यात्मिकता, नारी सशक्तिकरण, विज्ञान, गणितज्ञ पहेलियां, यौन शिक्षा, दर्शनीय स्थल की यात्रा-वर्णन—के बारे में हैं। इन्हें पढ़कर किसी न किसी क्षेत्र के बारे में विशेष जानकारी मिलती है।

यदि कुछ ज्ञानवर्धक हैं तो कुछ जीवन के अछूते विषय पर हैं। कुछ जीवन के मूल्यों के बारे में बताती हैं तो कुछ जीवन के कटु सत्य को। कुछ प्रेरणादायक लोगों के जीवन के अनछुऐ पहलुओं को देखती हैं तो कुछ उन बेहतरीन पुस्तकों की चर्चा करती हैं जो हम सब को पढ़ना चाहिये।
दर्शनीय स्थलों के बारे में हम सब जानते हैं लेकिन जिस तरह से उनके बारे में, यात्रा विवरण दिया गया है वह अनूठा है और जगहों के बारे में उत्सुकता जगाता है।

इन पुस्तकों के विषयों के बारे में, शायद आप पहले भी पढ़ चुके होंगे या जानकारी रखते होंगे। लेकिन, यहां इन्हें पढ़ने के बाद, नयेपन का एहसास होता है। लगता है कि यह विषय पहली बार पढ़े जा रहे हैं या समझने में कुछ कमी थी जो इस पुस्तक ने पूरी कर दी।

इस पुस्तक की खास बात है इसकी भाषा एवं शैली - यह सहज है। जिसे आम आदमी भी,  आसानी से समझ सकता है।

यह पुस्तक, आत्म सुधार की श्रेणी में है और जीवन को नये तरह से देखने के लिये प्रेरित करती है। इसलिये, यह हम सब के लिये है क्योंकि हम सब जीवन में आगे बढ़ने का  सोचते हैं।



पुस्तकें लेने के लिये सम्पर्क करें

Universal Law publishering Co.Pvt. Ltd.
A-58,GT Karnal Road Industrial Area
(Near Azadpur Metro Station) Delhi-110033


Telephone   : 011-47082254, 27458529, 27215334
Fax              : 011-27458529
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Showroom : C-27, Connaught Place, New Delhi 110001

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Editorial    :  editor @unilawbooks.com
website      : www.unilawbooks.com


यह न्यास से भी प्राप्त की जा सकती हैं। न्यास का पता है,

Krishna Virendra Trust 
37, Tashkent Road 
Allahabad-211001
email: kvtrust@gmail.com

7 comments:

Ravishankar Shrivastava said...

बहुत-2 बधाईयाँ :)

आपके विचार व रचनाएँ अब ऑनलाइन से बाहर के लोगों तक भी पहुँच सकेंगे.

Anonymous said...

प्रकाशित पुस्तकों का स्वागतपूर्ण अभिनन्दन। ई-माध्यम द्वारा हिन्दी व देवनागरी का प्रयोग और प्रचार सराहनीए है। इस कार्य में हमारी सदा शुभकामना।।
- राज माँगलिक

Archana said...

सरल भाषा में ,बहुत से विषयों को सम्मिलित किया गया है,ब्लॉग पर पढ़ती रही हूँ इसलिए जानती हूँ,अनुभवों का भण्डार मिलेगा इन पुस्तकों में ....बहुत बधाई

Vikas Gupta said...

बहुत सुंदर प्रयास। जो लोग आनलाइन नहीं पढ सकते उनके लिए आपके अनुभवों की सौगात।

Rahul Paliwal said...

Visited your blog for the book: Vayam Raksham which is about Ravna! You have a nice blog.

Puran Singh said...

bahut achi store h

ajay agrawal said...

Sarahniy.

मेरे और इस वेब साइट के बारे में

यह सेवा, न्यास द्वारा, हिन्दी देवनागरी (लिपि) को बढ़ावा देने के लिये शुरू की गयी है। मैं इसका सम्पादक हूं। आपके विचारों और सुझावों का स्वागत है। हम और भी बहुत कुछ करना चाहते हैं पर यह सब धीरे धीरे और इस पहले कदम की प्रतिक्रिया के बाद।